मंगलवार, 30 जून 2026
सोमवार, 29 जून 2026
गुरुवार, 4 दिसंबर 2025
शनिवार, 25 नवंबर 2023
आत्महत्या नहीं, यह संस्थानिक हत्या है
महेश
एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) सिलचर, असम में बीते 15 सितंबर की शाम को 20 वर्षीय छात्र कोज बुकर ने संस्थान के छात्रावास-7 के अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। कोज बुकर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में तृतीय वर्ष के छात्र थे और अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले थे।
गुरुवार, 27 अप्रैल 2023
बेरोजगारी, झूठे वादों के खिलाफ नौजवान
भाजपा राज में आसमान छूती बेरोजगारी एक ना झुठलाये जाने वाला सच बन चुकी है। मोदी के रोजगार से जुडे़ वादे अब नौजवानों में कोई उत्साह पैदा नहीं कर रहे हैं। ना ही कोई लबादा इसे ढक पा रहा है। न कोई लफ्फाजी वाला भाषण नौजवानों को भरमा पा रहा है। इसकी ठोस अभिव्यक्ति, पिछले दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में नौजवानों के बेरोजगारी को लेकर हुए तीखे प्रदर्शन हैं। हालांकि यह तीखे प्रदर्शन कुछ ही समय में दमन, षड्यंत्रों से दबा दिये गये। लेकिन अपनी बारी में इन प्रदर्शनों ने भाजपा सरकार के होश उड़ा दिये।
छात्र-नौजवानों की बढ़ती आत्महत्याएं और जातिगत भेदभाव
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रों की आत्महत्या बढ़ती जा रही हैं। देश के चोटी के नामी-गिरामी सरकारी शिक्षण-संस्थानों में छात्र अपना जीवन समाप्त कर ले रहे हैं। पढ़ाई की उम्र में छात्रों की आत्महत्या शिक्षण संस्थानों और समाज के लिए चिंता का कारण है।
केंद्र सरकार ने संसद में मार्च 2023 में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में 2018-2023 की शिक्षण अवधि के दौरान 61 छात्रों ने आत्महत्या की। यह आईआईटी में 33, एनआईटी में 24, आईआईएम में 4 छात्रों ने आत्महत्या की है।
शनिवार, 22 अप्रैल 2023
छात्रों पर मोदी सरकार का एक और हमला
प्री मैट्रिक स्कालरशिप सीमित और एमएएनएफ बंद
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले दिनों छात्रों पर बड़ा हमला बोलते हुए एमएएनएफ (मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप) को खत्म कर दिया है। यह फेलोशिप भारत के अल्पसंख्यक समुदायों से आने वाले उन छात्रों को दी जाती थी जो यूजीसी से संबंधित विश्वविद्यालयों से शोध कर रहे थे। 2006 में आयी सच्चर कमेटी की सिफारिशों के बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने इस फेलोशिप को मुस्लिम समुदाय से आने वाले शोधार्थियों के लिए शुरू किया था, आगामी वर्षों में इसमें बदलाव कर बाकी अल्पसंख्यक समुदायों को भी इस फेलोशिप से जोड़ दिया गया। अब 2022-23 के शैक्षिक सत्र से सरकार ने इसे खत्म करने की घोषणा कर दी है। एमएएनएफ का खत्म किया जाना, देशभर के शोधार्थियों पर किया गया बहुत बड़ा हमला है। एमएएनएफ की 30 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित थी, इसलिए इसका सबसे बुरा प्रभाव अल्पसंख्यक समुदायों से आने वाली छात्राओं पर देखने को मिलेगा। इससे मोदी सरकार के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और ‘सबका साथ सबका विकास’ नारों की पोल खुल जाती है। मोदी सरकार का आचरण उसके नारों से बिलकुल उल्टा है।
बुधवार, 23 नवंबर 2022
हरियाणाः105 सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश
हरियाणा सरकार ने मजदूर-मेहनतकश छात्र और शिक्षक विरोधी फैसला लेते हुए 105 सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। इस आदेश के अनुसार 3 किमी. के दायरे के उन सरकारी स्कूलों पर ताला लगा दिया जायेगा जहां छात्र संख्या 25 से कम है। इन स्कूलों को 3 किमी. के दायरे में स्थित अन्य स्कूल में विलय (मर्ज) कर दिया जायेगा। इन स्कूलों को बंद करने के लिए कम छात्र संख्या का बहाना बनाया गया है। जाहिर सी बात है कि इसका असल मकसद शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देना है। मौजूदा सरकारी स्कूलों को बंद करने और शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने का एक अन्य प्रमाण हरियाणा सरकार ने और दिया है। इसको उन्होंने चिराग योजना का नाम दिया है। इसके अनुसार अगर छात्र सरकारी स्कूल से निजी स्कूल में प्रवेश लेता है तो सरकार उसको 500 से लेकर 1100 रुपये तक फीस के रूप में देगी।
PET: नौकरी पाने के लिए एक और परीक्षा की बाधा
- पृथ्वी
PET: (Preliminary Eligibility Test) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य स्तरीय ग्रुप बी व ग्रुप सी के पदों पर भर्ती में बाधा पैदा करने की नयी योजना भर हैै। PET सर्टिफिकेट की मान्यता 1 वर्ष की है जिसके बाद पुनः परीक्षा देनी होगी। PET परीक्षा देने की योग्यता कम से कम कक्षा 10 व आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित है। PET शिक्षा विभाग में ज्म्ज् व ैनचमत ज्म्ज् जैसी परीक्षा है, जिसके जरिये भर्ती प्रक्रिया और कठिन बना दी गयी।
मंगलवार, 22 नवंबर 2022
उत्तराखंड में भर्ती घोटालों के विरोध में युवा आक्रोशित
-महेश
अगस्त-सितंबर माह में उत्तराखंड में भर्ती घोटाले व्यापक रूप में सामने आए। न्ज्ञैैैब् (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) द्वारा विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक, भ्रष्टाचार, धांधली की जांच ैज्थ् (स्पेशल टास्क फोर्स) को सौंपी गई। बाद में उत्तराखंड विजिलेंस विभाग ने भी जांच शुरू की। पुलिस दरोगा भर्ती 2015, ग्राम विकास अधिकारी भर्ती 2016, सचिवालय रक्षक और कनिष्ठ सहायक परीक्षाओं में धांधली, वन रक्षक भर्ती 2018, वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) 2020, वन दरोगा भर्ती 2021 सहित 7 से अधिक भर्तियों की जांच चल रही है। यह जांच भी सवालों के घेरे में है। इसके अलावा उत्तराखंड सचिवालय में विधानसभा अध्यक्षों द्वारा अपने-अपने रिश्तेदारों, करीबी लोगों को नौकरी देने के आरोप लगे हैं। अभी तक 41 से अधिक गिरफ्तारियां होने के बावजूद भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग भी प्रमुखता से उठ रही है।
गुरुवार, 10 नवंबर 2022
प्रयोगशाला इस्तेमाल का शुल्क भी अब वसूला जायेगा
-अमन भारती
दिल्ली विश्वविद्यालय में 29 अप्रैल 2022 को दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाली संस्था न्ैप्ब्.क्न् (न्दपअमतेपजल ैबपमदबम प्देजतनउमदजंजपवद ब्मदजतम) ने एक नोटिस जारी किया, जिसके तहत यह कहा गया कि आगे से विज्ञान की सभी शाखाओं में शोध के लिए इस्तेमाल होने वाले 21 तरह के उपकरणों का प्रयोग करने के लिए छात्रों को ‘मेंटेनेंस चार्ज’ देना होगा। 29 अप्रैल को ये आदेश सभी प्रयोगशालाओं के बाहर चस्पा किया गया और 1 मई से छात्रों से यह शुल्क वसूला जाने लगा। यह शुल्क एक सौ रुपए प्रति सैंपल टेसिं्टग से लेकर एक हजार रुपये एक घंटे के बीच है।
कर्नाटक बोर्ड में पाठ्यक्रम में बदलाव
-विजेयता
भाजपा शासित कर्नाटक सरकार हिजाब प्रकरण के बाद एक बार फिर अपनी हिंदुत्ववादी विचारधारा को प्रसारित करने के लिए एक और नया कदम उठा रही है।
अपने इस नए कदम के तहत कर्नाटक सरकार ने कक्षा 1 से 10 तक सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम को अपनी सांप्रदायिक और ब्राह्मणवादी विचारधारा के अनुरूप बदल दिया है। जिसका काफी विरोध किया जा रहा है और इसी विरोध के चलते कुछ अध्याय इन्हें वापस भी लगाने पड़े।
मजदूरों के बच्चे भी संघर्ष के मैदान में
-महेश
रुद्रपुर उपश्रमायुक्त कार्यालय के बाहर मजदूरों का धरना चल रहा था। मजदूर पीछे बैठे हैं, उनके आगे महिलायें हैं और महिलाओं के साथ व उनसे आगे बच्चे हैं। मजदूरों की सभा का संचालन बच्चे कर रहेे हैं। मजदूरों व महिलाओं को बच्चे अनुशासित कर रहेे हैं। बच्चे भाषण दे रहे हैं, गीत गा रहे हैं। उपश्रमायुक्त से इंटरार्क कम्पनी को वापस खुलवाने, मजदूरों को काम पर वापस लिये जाने और रुका हुआ वेतन दिलाने की मांग कर रहे हैं। ये इंटरार्क कम्पनी के मजदूरों के बच्चों की बाल पंचायत है। मजदूरों के समर्थन में ‘‘बाल पंचायत’’। जिसका नेतृत्व 12-15 साल के बच्चे कर रहे हैं।
मंगलवार, 8 नवंबर 2022
शिक्षा बजटः 2022-23
छात्रों-युवाओं को विष पूंजीपतियों को अमृत
इस वर्ष जब वित्त मंत्री बजट पेश कर रही थीं तो देश के छात्र कोरोना काल में पढ़ाई-लिखाई को हुए भारी नुकसान की भरपाई की उम्मीद कर रहे थे। वे उम्मीद कर रहे थे कि शायद इस बार के बजट में कोरी घोषणाआंे के स्थान पर छात्रों को कुछ हासिल होगा। विस्फोटक होती बेरोजगारी और डिजीटल विभाजन के शिकार छात्रों-युवाओं को इस बजट में कुछ राहतें मिलेंगी। परंतु छात्रों-युवाओं की आशाओं के विपरीत मोदी सरकार का यह बजट सामने आया। कुछ मामलों में यह बेशर्मी और घमंड को प्रदर्शित करने वाला बजट था। अपने बजट से मोदी सरकार ने एक बार फिर बता दिया कि वह छात्रों-युवाओं के हितों के खिलाफ है।
CUCET; शिक्षा में असमानता की खाई चौड़ी करने वाला प्रयोग
भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार 2014 से लगातार शिक्षा में बड़े बदलाव कर रही है। ये बदलाव दो दिशाओं में हो रहे हैं जिसमें पहली दिशा के बदलाव शिक्षा को पूंजीपतियों के हवाले कर, उनके लिए ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने और छात्रों को सस्ते मजदूरों में तब्दील करने का रास्ता खोलते हैं, वहीं दूसरी दिशा के बदलाव शिक्षा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इच्छा के अनुरूप ढालकर, संघ के संकीर्ण और फासीवादी एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं। वर्ष 2020 से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ये सारी कोशिशें छिटपुट रूप से करती रही थी, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ;छम्च्.2020द्ध के आने बाद से शिक्षा पर यही हमले नीतिगत रूप से और बहुत तेजी से होने शुरू हो गए हैं।
