गुरुवार, 4 दिसंबर 2025
शुक्रवार, 28 नवंबर 2025
युवाओ! जेन-जी! आप किधर
रविवार, 22 सितंबर 2024
सिद्धू-कानू ने फूंका था अंग्रेजों के खिलाफ पहला बिगुल
‘करो या मरो, अंग्रेजो हमारी माटी छोडो!’ - राजेन्द्र
वैसे तो स्वाधीनता संग्राम की पहली लड़ाई 1857 में मानी जाती है मगर इसके पहले ही वर्तमान के झारखंड राज्य के संथाल परगना में ‘संथाल हूल’ या ‘संथाल विद्रोह’ के द्वारा अंग्रेजों को भारी क्षति उठानी पड़ी थी। दो भाइयों सिद्धू-कानू के नेतृत्व में 30 जून 1855 को वर्तमान साहेबगंज जिले के भगनाडीह गांव से प्रारंभ हुए इस विद्रोह के मौके पर सिद्धू ने घोषणा की - ‘करो या मरो’, ‘अंग्रेजो हमारी माटी छोड़ो’।
लेनिन के जन्मदिवस ( 22 अप्रैल) के अवसर पर
भारतीय युवाओं के नाम लेनिन का पत्र (काल्पनिक)
भारत के युवाओ!
मैं लेनिन आपसे चंद बातें करना चाहता हूं। सबसे पहले मेरा हार्दिक अभिनंदन स्वीकार कीजिए। मुझे हमेशा से युवाओं खासकर युवा मजदूरों से बातें करने में विशेष आनंद आता रहा है।
युवावस्था की बात कुछ और ही होती है। यह अवस्था मानव जीवन के सर्वोत्तम को अभिव्यक्त करती है। आप जानते ही हो मार्क्स और एंगेल्स ने अपने क्रांतिकारी विचारों को अपनी युवावस्था में ही सूत्रित किया था। मानव जाति के इतिहास से अनेकानेक उदाहरण दिए जा सकते हैं जब महान वैज्ञानिकों, साहित्यकारों, कलाकारों ने अपना सर्वोत्तम अपनी युवावस्था में ही दिया था।
शनिवार, 25 नवंबर 2023
दमन फासीवाद की फितरत, संघर्ष है छात्रों-युवाओं की विरासत
हर गुजरते दिन के साथ केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा राजकीय दमन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी), सीबीआई, एनआईए, आयकर विभाग, जैसी संस्थाएं विरोध की आवाजों को डराने-दबाने का जरिया बन गयी हैं। जिन पत्रकारों, वेब पोर्टल, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि को निशाना बनाया जा रहा है, वे मोदी सरकार से भिन्न रुख रखते रहे हैं या समाज के किसी शोषित-उत्पीड़ित हिस्से की आवाज उठाते रहे हैं। सरकारी दमन की शिकार संस्थाओं में द वायर, ऑल्ट न्यूज, बीबीसी आदि की फेहरिस्त में नया नाम न्यूज क्लिक का जुड़ गया है।