गुरुवार, 4 दिसंबर 2025
मंगलवार, 25 अप्रैल 2023
आरआरआर (राइज, रोर, रिवोल्ट)
मिथक, छद्म इतिहास और विजुअल इफेक्ट से पैदा किया गया दूषित मनोरंजन
आरआरआर (राइज, रोर, रिवोल्ट) फिल्म के गाने नाटू-नाटू को ऑस्कर अवार्ड मिलने से यह फिल्म विश्व भर में सुर्खियों में है। फिल्मी दुनिया का सबसे बड़ा अवार्ड मिलने से फिल्म की कमाई भी बढ़नी है। फिल्म के बारे में बताया जा रहा है कि फिल्म निर्माता ने फिल्म में इतिहास, मिथक (रामायण, महाभारत के पात्रों को चित्रित कर) और तकनीक के जरिये मानवीय क्षमताओं से परे फिल्म के नायकों को दिखाया है। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन है। सवाल ये है कि जब इतिहास को मनोरंजन के तौर पर पेश किया जाए तो ऐसे फिल्मी इतिहास से वास्तविक इतिहास के प्रति नजरिया कितना दूषित हो सकता है? भारत में आज जिस तरह शिक्षा से लेकर समाज की आम धारणाओं में संघ-भाजपा द्वारा इतिहास से खिलवाड़ किया जा रहा है, ऐसे में फिल्म आरआरआर कहां खड़ी होती है? इतिहास से यह खिलवाड़, मानवीय क्षमताओं का अतिरंजित चित्रण समाज में आम मेहनतकश लोगों, छात्रों-नौजवानों पर क्या असर छोड़ेगा?