सोमवार, 29 जून 2026
गुरुवार, 4 दिसंबर 2025
रविवार, 22 सितंबर 2024
लेनिन के जन्मदिवस ( 22 अप्रैल) के अवसर पर
भारतीय युवाओं के नाम लेनिन का पत्र (काल्पनिक)
भारत के युवाओ!
मैं लेनिन आपसे चंद बातें करना चाहता हूं। सबसे पहले मेरा हार्दिक अभिनंदन स्वीकार कीजिए। मुझे हमेशा से युवाओं खासकर युवा मजदूरों से बातें करने में विशेष आनंद आता रहा है।
युवावस्था की बात कुछ और ही होती है। यह अवस्था मानव जीवन के सर्वोत्तम को अभिव्यक्त करती है। आप जानते ही हो मार्क्स और एंगेल्स ने अपने क्रांतिकारी विचारों को अपनी युवावस्था में ही सूत्रित किया था। मानव जाति के इतिहास से अनेकानेक उदाहरण दिए जा सकते हैं जब महान वैज्ञानिकों, साहित्यकारों, कलाकारों ने अपना सर्वोत्तम अपनी युवावस्था में ही दिया था।
बुधवार, 23 नवंबर 2022
हिन्दू फासीवाद के मूूल स्रोत
- गुरप्रीत
यह अजीबोगरीब किंतु सत्य है कि स्वदेशी, देशभक्ति और राष्ट्रवाद का दिन-रात राग अलापने वाले संघी हिंदू फासीवादियों की विचारधारा के मूल स्रोत और वह भी ठीक इसी मुद्दे पर, विदेशी हैं। इसके स्रोत यूरोप में, खासकर जर्मनी में हैं। उस जर्मनी में जिसने इसी सोच के आधार पर नाजीवाद को जन्म दिया।
मंगलवार, 1 सितंबर 2020
मानवीय सम्बन्धों का जाल और सर्वश्रेष्ठ सम्बन्ध
अक्सर ही इस बात को दोहराया जाता है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। और सामाजिक प्राणी होने के नाते प्रत्येक मनुष्य नाना प्रकार के सम्बन्धों में बंधा होता है। ये सम्बन्ध इतने नाना प्रकार के होते हैं कि कोई इन्हें गिनना शुरू करे तो वह थक जाएगा पर सम्बन्धों का सिलसिला खत्म ही नहीं होगा। मसलन हम प्रियदर्शिनी नामक एक छात्रा को लें जो बी.एस.सी.तृतीय वर्ष की छात्रा है।
प्रियदर्शिनी एक ही समय में किसी की बहन, किसी की बेटी, किसी की बुआ, किसी की मौसी, किसी की भतीजी, किसी की पोती और न जाने क्या, क्या है। और आगे के जीवन में वह न जाने किन-किन सम्बन्धों में बंधेगी। यानी प्रियदर्शिनी अपने भावी जीवन में प्रेमिका, मां, पत्नी, भाभी, ननद, दादी, नानी आदि, आदि संम्बन्धों को जियेगी।