मजदूर आंदोलन
मजदूर सड़कों पर
यह न होता तो क्या होता ?
- मदन
2 अप्रैल को होण्डा मोटर्स मानेसर हरियाणा में ठेका मजदूर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़क पर उतरे। पुलिस प्रशासन दमन के सहारे इसे रोकने की कोशिश कर रहा था। देखते ही देखते मजदूरों के वेतन वृद्धि के संघर्ष मानेसर की अन्य फैक्टरियों के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी फैल गये। हरियाणा से होते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, दिल्ली, राजस्थान के औद्योगिक केन्द्रों तक फैल गया। जहां-जहां मजदूर आंदोलन पहुंचा वहां-वहां पुलिस दमन, मजदूरों, मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं-नेताओं को जेलों में डाला गया। मजदूरों के ये सभी संघर्ष स्वतः स्फूर्त थे।