सोमवार, 29 जून 2026

वी आई टी भोपाल में खाने और पानी की शिकायत पर छात्रों का दमन
महेश

    मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (VIT) के भोपाल कैंपस में 25 नवंबर की रात के लगभग 10 बजे कुछ छात्र मेस के खराब खाने और गंदे पानी की शिकायत लेकर अपने असिस्टेंट प्रोफेसर प्रशांत कुमार पांडे के पास पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या सुनी जाएगी। लेकिन जो हुआ वह किसी ने सोचा भी नहीं था। प्रोफेसर ने छात्रों की शिकायत सुनने के बजाय आपा खो दिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। छात्रों के बालों को पकड़कर घसीटा गया, उन्हें थप्पड़ मारे गए और जलील किया गया। यही रात में छात्रों के आक्रोश का कारण बना।

पिछले कुछ समय से 100 से ज्यादा छात्र पीलिया (जाॅन्डिस) की चपेट में आए। महीनों से छात्र चीख-चीखकर बता रहे थे कि पानी में बदबू है, मेस के खाने में कीड़े हैं, आर.ओ खराब पड़ा है। कुलपति कार्यालय से लेकर वार्डन तक किसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी। इससे एक वर्ष पूर्व भी छात्र यही शिकायत कर रहे थे। कहीं भी सुनवाई न होने और उल्टा शिकायतकर्ता छात्रों के साथ मारपीट और अभद्रता करने पर आखिरकार 25-26 नवंबर की रात क्षुब्ध छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। लगभग चार हजार छात्र कैंपस में उतरे। कुलपति की गाड़ी, बसो में आगजनी, तोड़फोड़ की।

इस घटनाक्रम के बाद हास्टल में बिजली-पानी बंद कर दिया। दूर-दूर से आए 14 हजार से अधिक छात्रों को रातों-रात घर जाने को कह दिया गया। जाने के लिए बिना यात्रा टिकिट आदि सुविधा दिए कैंपस 8 दिसंबर तक बंद कर उसे पुलिस छावनी बना दिया गया। बाद में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्वीकारा दो छात्रों की मौत हुई थी लेकिन पीलिया की वजह को नकार दिया गया। घटना के बाद वीआईटी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के.के.नायर की शिकायत पर अज्ञात 4000 छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस जांच की जा रही है। वीआईटी लाखों रुपये की फीस लेकर छात्रों को सपने बेचता है और बदले में छात्रों को दूषित पानी और जहरीला खाना ही नहीं देता बल्कि छात्रों की जायज और बहुत छोटी मांगों का गुंडागर्दी से दमन करता है। मगर सवाल वही है कि इतनी मोटी फीस लेने वाले संस्थान बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं दे पाते? क्या छात्रों की जान से बड़ी है संस्थान की इमेज? मामले में विरोध तेज होता देख सरकार को बचाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विधानसभा में कहा कि, इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जैसी आज तक नहीं हुई। इतना समय बीत जाने के बाद भी अभी तक कार्रवाई के नाम पर वही ‘ढाक के तीन पात’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।                                                                    ऽऽऽ


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